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मैं कुछ लोगों की परवाह नहीं करती : सानिया मिर्ज़ा

मैदान पर अपने बेमिसाल प्रदर्शन के साथ साथ विवादों के कारण भी चर्चा में रहने वाली टेनिस स्टार सानिया मिर्जा इन बातों की परवाह नहीं करती कि चंद लोग उनके बारे में क्या कहते हैं क्योंकि ऐसे लोगों की तुलना में देश में उनके चाहने वालों की संख्या कई ज्यादा है। इसे संयोग कहा जा सकता है कि लेकिन यूएस ओपन में उनके दोनों खिताब से पहले बेवजह के विवाद पैदा हो गये थे। उन्होंने दो दिन पहले यूएस ओपन के महिला युगल का खिताब जीता। इससे ठीक पहले एक खिलाड़ी ने उनको प्रतिष्ठित खेल रत्न दिये जाने पर सवाल उठाये थे और उनके खिलाफ अदालत में याचिका दायर कर दी थी। पिछले साल भी ब्रूनो सोरेस के साथ यूएस ओपन मिश्रित युगल का खिताब जीतने से पहले एक राजनीतिज्ञ ने उन्हें नवगठित राज्य तेलंगाना का ब्रांड एंबेसडर बनाये जाने का विरोध किया था। सानिया ने न्यूयार्क से अपने आगमन के बाद पीटीआई से विशेष साक्षात्कार में कहा....

   

    ‘सही में मैं इसकी परवाह नहीं करती। मैं अक्सर समाचार पत्रों को नहीं पढ़ती हूं। मैं केवल टेनिस खेलती हूं। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करती हूं और इससे मुझे खुशी मिलती है।यही वजह है कि मैं जानती हूं कि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे किया जाता है। मैं भाग्यशाली हूं कि मैं जो करती हूं वह अच्छा करती हूं और इसलिए मैं जीत हासिल करती हूं। इसके अलावा मैं इस बात पर ध्यान नहीं देती कि चंद लोग क्या कहते हैं, मैं जानती हूं कि देश के बाकी लोग मुझे चाहते हैं।’’

      इससे पहले भी उनका नाम कई बार विवादों में घसीटा गया और इनमें से कई बेमतलब के विवाद थे। ब्राजील के ब्रूनो सोरेस के साथ मिश्रित युगल में जोड़ी बनाने को लेकर हालांकि वह पक्के तौर पर कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने सोरेस के साथ 2014 यूएस ओपन का खिताब जीता था। उन्होंने कहा...

     ‘‘अभी मैं ब्रूनो को लेकर पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकती। हमें कुछ चीजों पर गौर करना होगा।’’ यूएस ओपन में उन्होंने खिताबी जीत तक एक भी सेट नहीं गंवाया। अपने इस दबदबे वाले प्रदर्शन के बारे में सानिया ने कहा, ‘‘हम अच्छा खेल रही हैं। हार्डकोर्ट पर खेलना हम दोनों को पसंद है। यह मेरा पसंदीदा कोर्ट है। प्रत्येक अगले मैच में हमारा प्रदर्शन बेहतर होता गया और इस तरह से हमने खिताब जीता। ’’ 

      सानिया और मार्टिना ने इस सत्र में चार खिताब जीते और उन्हें बहुत कम सेट गंवाये। इस 28 वर्षीय खिलाड़ी से पूछा गया कि उनकी भागीदारी में क्या सुधार की जरूरत है, उन्होंने कहा...

     ‘‘मैं निश्चित रूप से नेट पर अपने खेल में सुधार कर सकती हूं और मार्टिना कोर्ट के पिछले हिस्से के खेल में सुधार कर सकती है। हम पहले ही नंबर एक टीम हैं और व्यक्तिगत रैंकिंग में मैं नंबर एक हूं लेकिन सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है।’

       अगले साल जब वह 29 वर्ष की हो जाएंगी तब उनके पास रियो ओलंपिक में पदक जीतने का अच्छा मौका रहेगा। लंदन ओलंपिक से पहले जोड़ी बनाने को लेकर विवाद पैदा हो गया था इसलिए सानिया से जब पूछा गया कि वह इस बार किसके साथ जोड़ी बनाना चाहेंगी तो उन्होंने कहा कि वह प्रतियोगिता शुरू होने से कुछ दिन पहले इस पर फैसला करेंगी लेकिन उन्हें विश्वास है कि इस बार भारत के मिश्रित युगल में पदक जीतने की अच्छी संभावना है।उन्होंने कहा,...

    ‘‘रियो ओलंपिक में मिश्रित युगल में हमारे पदक जीतने की अच्छी संभावना है। जाहिरा तौर पर यह हमारे पास अच्छा मौका होगा। लेकिन हमें इंतजार करना होगा।इससे पहले काफी विचार करना होगा। हम तब सर्वश्रेष्ठ टीम पर फैसला करेंगे। अभी इसमें एक साल बचा है और मैं इस बारे : टीम के बारे में : नहीं सोच रही हूं। जब प्रतियोगिता पास आएगी तो हमारे सामने स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।’’

लेखक : अमनप्रीत सिंह
साभार : पीटीआई, भारत 

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