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मुस्लिम से हिन्दू हो गयी पर फिर भी न मिला प्यार



आगरा: ताजा मामला ताजमहल के शहर आगरा की एक प्रेम कहानी का है जिसमे मुस्लिम लड़की को हिन्दू बनने के बाद भी उसका प्यार नही मिला और अब युवती रामलाल आश्रम मे और प्रेमी जेल में हैं और प्रेमी की पत्नी बिना पति का प्यार पाये तीन महीने से अकेले जिंदगी काट रही है।

क्या है मामला 
आगरा के थाना एतमाउददौला के नुनिहाइ क्षेत्र की नूरजहां (काल्पनिक नाम) घर से गरीब थी। बचपन में ही पिता का साया सर से उठने के बाद नूरजहां और उसकी बड़ी बहन मिल कर नौकरी करते हुए अपनी छोटी बहन और माँ का पेट पालती थीं। नूरजहां रामबाग के एक अस्पताल में नर्स थी। नर्स का काम करते हुए 3 साल पहले उसकी मुलाक़ात पास ही श्रीनगर कालोनी के निवासी मेडिकल स्टोर संचालक आकाश भारद्वाज से हुई। युवा उम्र मे प्यार परवान चढ़ गया और दोनों बिना धर्म की परवाह किये एक दुसरे में खो गए। 

प्रेमी के लिए किया मंदिर मे जाना शुरू 
आकाश के दिल में मुस्लिम बनने की इच्छा आने लगी तो नूरजहां ने मन्दिरो के चक्कर लगाना शुरू कर दिया। नूरजहां को मालूम था की शादी के बाद पत्नी को पति का धर्म और परिवार अपनाना चाहिए इसलिए उसने खुद नमाज पढ़ना छोड़ पूजा करना शुरू कर दी और आकाश को मुस्लिम भी नही बनने दिया। लेकिन दोनों के परिवारो ने ऐतराज शुरू कर दिया। समाज के डर से दोनों ने दो वर्ष पहले मन्दिर में शादी कर ली और घर से बहाना बना कर कुछ दिन अलग रहे और फिर घर वापस आ गए। दोनों की सोच थी की एक दिन सब लोग मान जाएंगे पर ऐसा नही हुआ।

घरवालो ने जताया एतराज 
तीन माह पहले आकाश के परिजनों ने उसकी शादी मथुरा की गजल नाम की लड़की से करा दी । उस वक्त तो आकाश ने घर वालो के कहने पर शादी कर ली पर उसके दिल में तो नूरजहां ही थी। काफी सोच विचार के बाद भी उसने गजल अपनी पत्नी से कोई सम्बन्ध नही बनाये और उसे सारी बात बता दी।

पत्नी बोली पति से तुम नूरजहां को ले कर भाग जाओ
नूरजहां के अनुसार उसने गजल से बात की और उसे शादी की तस्वीरें भी दिखाई तो गजल ने उन्हें भाग जाने का आइडिया सुझाया। 16 अगस्त को दोनों आगरा से भाग कर बंगलौर चले गए और आराम से पति पत्नी की तरह रहने लग गए। नूरजहां बंगलौर जाकर पूरी तरह से हिन्दू रीति रिवाज से ही रह रही थी और अभी भी वो खुद को हिन्दू ही मानती है।

कोर्ट मे कबूला अपना प्यार 
इधर आकाश के परिजनों ने नूरजहां के खिलाफ बेटे को भगाने का मुकदमा दर्ज करा दिया और तुरन्त बाद जहाँ आरा की माँ ने भी आकाश पर भी अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। दो सम्प्रदायो का मामला देख पुलिस भी हरकत में आ गयी और उन्हें बरामद करा दिया। पुलिस ने आकाश को जेल भेज दिया और नूरजहां को राम लाल वृद्धाश्रम भेज दिया गया। नूरजहां ने मजिस्ट्रेट के सामने भी सहमति के बयान दर्ज कराये हैं और आकाश भी नूरजहां से प्यार की बात न्यायालय में कबूल चुका है।

केस वापस लेने का दबाब बना रहे
जहां आरा से बातचीत में उसने बताया की पुलिस और आकाश के परिजन लगातार मुकदमा खत्म कराने का दबाव बना रहे है पर आकाश पर पूरा भरोसा है उसने कहा है की चाहे कोई कुछ भी कहे पर जब तक मैं न कहूँ तू किसी की बात मत मानियो अगर कभी धर्म आड़े आया तो भी मैं हमेशा मुस्लिम बनने को भी तैयार हूँ। अब यहां रहकर भी मैं उसका इन्तजार कर रही हूँ। आकाश के परिवार वालो ने पुलिस के साथ मिलकर मेरा और आकाश का मोबाइल ले लिया अब मुझे डर है की उसमे हमारी शादी के सबूत और बाकी चीजे गायब न हो जाए, पर मुझे आकाश पर पूरा भरोसा है। धर्म की बात रही तो मैं शरू से ही दोनों धर्मो को मानती थी हां आकाश से शादी के बाद मैंने नमाज पढ़ना छोड़ दिया।

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