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देशभक्ति सिर्फ एक ही दिन क्यों

मनीष कुमार मिश्रा, हज़ारीबाग़ 


दिल्ली : हमारा देश ने 73वां स्वतंत्रता दिवस मनाया स्वतंत्रता दिवस देश के हर व्यक्ति के जीवन में काफी महत्व रखता है इस दिन पूरा देश देश भक्ति के रंग में रंग जाता है सरकारी गैर सरकारी शैक्षणिक संस्थाओं समेत कई अन्य संस्थान में भी स्वतंत्रता दिवस के महापर्व को काफी उत्सुकता के साथ मनाया जाता है इस दौरान कई तरह के कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है जो बहुत अच्छी बात है सोशल मीडिया जैसे फेसबुक टि्वटर इंस्टाग्राम आदि पर भी इससे जुड़े वीडियो चित्र आदि को अपलोड कर अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त किया जाता है पर सवाल यह है कि क्या हमारा देश प्रेम की भावना बस 1 दिन की होती है इस 1 दिन के महापर्व में शामिल होने के बाद क्या हमारे देश प्रेम की भावना खत्म हो जाती है सिर्फ स्वतंत्रता दिवस मनाने से हमारी देशभक्ति की भावना उजागर नहीं हो सकती एक भारतीय नागरिक के रूप में हमें हर दिन स्वतंत्रता दिवस मनाने की जरूरत है | 

स्वतंत्रता दिवस पर हम अपने आसपास के स्थानों को स्वच्छ रखते हैं बाकी दिन हम वहां पर खुद ही गंदगी फैलाते हैं ऐसी स्वतंत्रता दिवस का क्या फायदा जो बस एक दिन का हो और बाकी समय में हम सोते रहते हैं मेरे हिसाब से स्वतंत्रता दिवस को एक राष्ट्र पर्व के रूप में तभी सफल कहा जा सकता है जब हम अपने समाज अपने देश के साथ साथ एक स्वस्थ व सुंदर भारत की परिकल्पना को एक मूर्त रूप में प्रदान करने में सफल हो जाएंगे हमारे देश में आज भी कई सम्मानित समस्याएं विद्यमान है जैसे बाल विवाह बाल मजदूरी दहेज प्रथा डायन प्रथा इत्यादि और भी समस्याएं हैं जो समाज व देश के लिए काफी हानिकारक है एक तरफ तो हम स्वतंत्रता की बात करते हैं और इसे महापर्व के रूप में मनाते हैं वहीं दूसरी और इन समस्याओं से जूझते हैं ऐसे में स्वतंत्र दिवस मनाने का कोई मायना ही नहीं रखता |


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