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पहले भी हुआ है ताजमहल में इससे भी बड़ा नुकसान... जाने क्या

 स्वाति गौतम, दिल्ली 


आगरा : ताजनगरी में शुक्रवार की रात को 124 किलोमीटर की रफ्तार से चली आंधी ने तबाही मचा दी। जिसमें तीन लोगो की मौत हो गई जबकि 25 लोग घायल है। कई जगह बिजली के खम्बे, पेड़, और मकान गिरने के साथ-साथ ताजमहल पर भी इसका बड़ा नुकसान देखने को मिला है। जिससे ताजमहल के मुख्य मख़बरे की संगमरमर की रेलिंग टूट गई और कुछ जाली के टुकड़े यमुना की ओर गिर गए। आंधी के चलते ताजमहल के पश्चिमी गेट के मुख्य प्रवेश द्वार सहित बरामदे की फॉल सीलिंग को काफी नुकसान पहुँचा है। 

दो साल में तीन बार ताजमहल को नुकसान
पहले भी आंधी ने ताजमहल और कई स्मारकों को काफी क्षति पहुंचाई है। वर्ष 2018 में 11 अप्रैल और दो मई को ताजमहल का शाही दरवाजा, दक्षिणी दरवाजे के गुलदस्ता स्तंभ टूट कर गिर गए थे। कंगूरे कांच की मानिंद बिखर गए थे। उस वक़्त 130 किलोमीटर प्रतिघण्टा की गति से तूफान आया था। उस आंधी में सरहिंदी बेगम, फतेहपुरी बेगम के मकबरों के गुलदस्ता स्तंभ को भी नुकसान पहुँचाया है। 

जल्द शुरू होगा मरम्मत का काम
आंधी से हुए नुकसान का जायजा लेने दिल्ली से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण(ASI) की महानिदेशक विद्यावती शनिवार को आगरा पहुंची। उन्होंने नुकसान को करीब से देखा। ताजमहल के अंदर चारबाग में टूटे पेड़ो के लिए उन्होंने उघान शाखा के उघानविध को निर्देश दिए। संरक्षण शाखा को उन्होंने जल्द से जल्द एस्टीमेट बनाकर काम शुरू करने के लिए कहा है।


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